05

मीना की चुदाई

उसने उसकी चुत हलकी से छुई तो उसकी चुत गीली थी.

आरती ने मीना की पैंटी उतार दी.

मीना ने आखें खोल ये देख अपने हाथ छूटाते हुए बोली

"ये.. ये... क्या कर रही है तू"

आरती मीना को देख बोली

"आपकी पैंटी गीली होगयी थी, वही देख रही हु, अरे ये क्या?"

ये बोल वो मीना की चुत देख बोली

"मालकिन. तेरी चुत तो कितनी सूजी है लगता है मालिक बोहत चुदाई करते है"

ये बोल वो मीना की चुत दोनों तरफ से पकड़ फैलाते हुए बोली

"हाआआ, हा... बोहत चोद ते है, uffff मेरी चुत फैला क्यों रही है तू, आअह्ह्ह"

मीना मोन करते हुए बोली

आरती उसकी चुत रगड़ ने लगी,

"अह्ह्ह, ये आअह्ह्ह उइ, रगड़.. और ज़ोर से रगड़ बोहत अच्छा.. अहा.... आह्ह.. चा अच्छा लगता है" आरती उसकी चुत ज़ोर ज़ोर से रगड़ रही और मीना तड़प रही थी,

"ओह्ह्ह मालकिन कैसे... ओह्ह रंडियो की तरह मचल रही है तू "

मीना अपने पैर और फैला दी

"आहे, मै... जड़ मै जड़ ने वाली..... दीरे कर... आहहह दीरे"

आरती उसकी चुत रगड़ ते हुए उसकी चुत पर ज़ोर से मार ने लगी

"आअह्ह्ह. मार... आह्ह मार मत"

आरती कभी चुत को रगड़ देरी तो कभी ज़ोर ज़ोर से मरने लगी.

की तभी मीना जड़ ने लगी.

"देख, कैसे काली चुत से जड़ रही है रांड"

आरती उसके चुचे पर मरते हुए बोली

उसने मीना के हाथ खोले मीना उसे लट मार ज़मीन पर गिरा दी.

नंगी चल कर वो शीशे के सामने जा अपने चुत देखि, जो और सूज चुकी थी, और हलकी हलकी लाल होगयी थी,

मीना ने गुस्से मै आरती को बाहर निकाल खुद को साफ किया,और कपडे पेहेन बाहर आयी.

उसे चलने को दिक्कत हो रही थी.

रात को राजू घर आया तो मीना काम कर रही थी.

रेखा (मीना की सास )

अरे मीना जा ऊपर से कपडे उतार ला जाके

मीना सारा काम चोद ऊपर जाने लगी तभी राजू ने उसे कमरे की कीच दरवाज़ा बंद कर दिया.

"चल अपने कपडे उतार "

राजू अपने सारी कपडे उतार बोला

मीना - जी, पर माजी ने काम बोला हम रात को कर लेंगे, अभी बोहत काम है

मीना उसे समझ ते हुए बोली

राजू गुस्से उसे बेड और दक्का दे बोला

"साली हरामखोर, रात को फिर चोदुँगा, और अभी भी चोदुँगा क्यों की मेरा मन है, मुझे मना करती रुक तुझे बता ता हु "

मीना बिस्तर पर गिर गयी. राजू उसकी सारी ऊपर कर देखा

"Oh. Oh. तूने पैंटी भी नहीं पेहनी है और देख चुत कितनी गीली है, चुदना है तो मना क्यों कर रही है"

वो मीना की चुत मसलते हुए बोला

"हाआआ, दीरे जी दर्द होता"

राजू उसके ब्लाउस को फाड़ उसके चुचे पकड़ बोला

"आह, ये तो दिन बस दिन बड़े होते जा रहे है"

उसने मीना का चुचे दबाये तो उन मै से दूध आने लगा.

अरे वाह दूध भी आ रहा है

ये बोलते वो उसके निप्पल को चूसने लगा जब थोड़ा दूध आता तो तो निप्पल दांत से पकड़ खींच लेना मीना आह आह करते उसका लंड सेहला रही थी.

राजू खड़ा हुआ, और मीना को दीवार से लगा उसके पैर पकड़ ऊपर उठा उसके चुत मै लंड डाल दिया मीना ज़ोर से चिल्लाई......

ऐसे लटकने से उसे दर्द हो रहा था पर चुदने का मज़ा भी आ रहा था.

राजू उसके चुचे पर मार, ज़टके मारते हुए बोला

"ले.. और. ले मेरी..रंडी...अह्ह्ह, तेरी चुत फाड़ दूंगा. ले आज..

मीना दिवार और उसके बिच मै फसी थी उसके हाथ उसे चूचियों पर थे

"अह्ह्ह, अह्ह्ह और तेज़... अहह ज़ोर से चोदो.... मै हु आपकी रंडी.. Aaaaa.... कितना बड़ा है लंड... अह्ह्ह्ह....."

मीना जड़ने वाली पर राजू रुक गया.

मीना को खड़ा कर एक पैर ज़मीन पर रख दूसरा पैर पकड़ ऊपर उठा अपने कंधे पर रख उसकी गांड मै लंड डाल दिया. मीना मज़े से अपनी गांड मारा रही थी.

"आह्ह, बोहत अच्छे.. उफ्फ्फ कितने ज़ोर का जड़का देते हो.... Aahhhhhhhh,

मेरी चुत ufff" ये बोल उसने अपनी चुत रगड़ ने लगी पर राजू उसका हाथ हटा उसकी चुत मै तीन उंगली डाल अंदर बाहर करने लगा.

मीना के ज़ोर से चिल्लाने से राजू ने उसकी चुत पर ज़ोर से मार बोला

"चुप रंडी"

मीना - मै... हहह मै जड़ने वाली... अहह हु.... हाआआ आअह्ह्ह"

उसके जड़ते हुए राजू उसे बेड पर दक्का अपने कपडे सही कर बाहर चला गया,

मीना वैसे ही अपनी चुत खोले पड़ी रही.

रात का खाना खा सब सोने चले गए.

मीना ने राजू जो देखा जो सो रहा था,

"मुझे तो लगता,ये मुझसे प्यार नहीं करते, बस चोदने के लिए लाये है"

वो मनन मै सोचते रही थी,

"और मै भी बोहत जल्दी गीली हो जाती हु, थोड़ा सा भी सब्र नहीं होता मुझसे"

रात उसे नींद नहीं आयी, सुबह जब वो सोइ उसके थोड़ी देर बाद उसे लगा राजू उसके साड़ी के अंदर अपना हाथ डाल रहा था,

मीना नींद मै उसे देख बोली

"ये आप क्या कर रहे हो, जी "

राजू उसके बाजु मै लेटा उसे देख बोला

"मीना, मेरी जान मुझे तुजसे बात करनी है "

ये बोलते उसने मीना की पैंटी निचे कर उसकी चुत सेहला रहा था.

और मीना गरम होगयी.

बोलिये

"पीछे गाँव माइबेक ज़मीन करीद ने का सोच रहा हु, पर मेरे पास इतनी पैसे नहीं है"

मीना उसका लंड ऊपर से पकड़ बोली

"आअह्ह्ह, ये डालो ना उंगलिया से क्या होगा, आअह्ह्ह हल्दी करो "

राजू उसकी चुत दीरे दीरे रगड़ रहा था.

"तो.. आहहह क्या हुआ, करीद लो ज़मीन "

राजू उसकी मै अपनी ऊँगली डाल बोला

"सरपंच ने बोला है की अगर तु उसके पास एक रात रुक जाये तो वो ज़मीन हमारी होगी "

ये सुन मीना गबरा गयी वो उठ कर बैठ बोली

"आपको शर्म नहीं आती, अपनी बीवी को किसी गैर आदमी से चुदवाते हुए,

राजू उसके पैर पकड़ बोला

"मान जा मीना, अगर ज़मीन हमारी होगयी तो बोहत पैसे मिलेंगे, हम अमीर होजाएंगे"

मीना उसे दूर कर बोली

"ना जी, मै ऐसा कुछ नहीं करती"

राजू झूठे आंसू दिखा बोला

"मान जा मीना प्लीज, समझ लेना की एक सपना था, बस एक आदमी ही तो है, और वैसे भी तुझे चुदना कितना पसंद है, एक रात की बात है मीना"

उसे ऐसे रोता देख मीना ने हां बोल दिया पर उसे क्या पाता था, की राजू उसे झूठ बोल रहा है.....

Write a comment ...

Write a comment ...