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Puja ka naya ghar

ये कहानी है पूजा की जो अभी कुछ दिन पेहले बेलापुर अपने नये घर मै रेहने आयी थी,

पर जिस इलाके मै वो रेहने आयी थी वहां की मक़ान मालिक ने उसे बताया था की वो अपने मकान मै सिर्फ शादी शुदा लोगो को रेहने देती है,

इसलिए पूजा को झूठ बोलना पढ़ा

की उसका पति मर चूका है, और अब वो इस दुनिया मै अकेले है

वैसे बात तो सच थी, उसके घर वालो ने उसे घर से निकाल दिया था,

वजे ये थी के उसका माँ बाप ने उसे और उसके बॉयफ्रेंड को एक साथ पकड़ लिए थे,

माँ बाप ने भी साथ छोड़ दिया और बॉयफ्रेंड ने भी,

उसे तो बस पूजा को चोदना था.

पर उसके दादा जी उसे हर महीने पैसे भेजते रेहते, इसलिए उसे कोई तकलीफ नहीं थी.

उसका बदन देख सब को भी यही लगा की वो शादी शुदा है,

बड़ी बड़ी चूचियाँ, बड़ी मटकती गांड,

इसलिए उसे घर मिल गया था.

उसे अब घर की कोई चिंता नहीं थी.

एक कमरा किचन और हॉल उसके लिए ये सही था,

उसके साथ उसकी एक बिल्ली भी रेहती थी. जो उसने बचपन से पाली थी.

अब उसे घर आयी दो ही दिन हुए,

रात का खाना खा वो TV देखने लगी,

अकेले रेह रेह कर उसकी प्यास बढ़ती जा रही थी.

उसके दिमाग़ मै हर वक़्त बस चुदने का ख्याल चलता रेहता,

शकल से जितनी मासूम उतनी ही अंदर से वो हरामी थी.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए तैयार रहिये,

जानिये कैसे पूजा अपनी प्यास भुजाती है

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